मोबाइल संचार की पीढ़ियाँ (Generations of Mobile Communication)

मोबाइल संचार की पीढ़ियाँ (Generations of Mobile Communication)-

      • 1. मोबाइल उपकरणों की पीढ़ियाँ (Generation of Mobiles)
      • 2 मोबाइल संचार नेटवर्क की पीढ़ियाँ (Generations of Mobile Communication Network)


        1. मोबाइल उपकरणों की पीढ़ियाँ (Generation of Mobiles)-

          • (I) पहली पीढ़ी (First Generation)
          • (II) दूसरी पीढ़ी (Second Generation)
          • (III) तीसरी पीढ़ी (Third Generation)


              (I) पहली पीढ़ी (First Generation)-

              • ब्लैक एन्ड व्हाइट हैंडसेट (Black & white handset)

              • केवल टेक्स्ट और कॉल की सुविधा (Provided only text and call facility)


              (II) दूसरी पीढ़ी (Second Generation)-

              • रंगीन हैंडसेट (Colored Handset)

              • मल्टीमीडिया सुविधाएं जैसे कॉल, टेक्स्ट, चित्र, वीडियो (Multimedia Facilities)- Call, Text, Images, Videos


              (III) तीसरी पीढ़ी (Third Generation)-

              • स्मार्ट फोन, जो मोबाइल और कम्प्यूटर का संयोजन है। (Smart phones, which are combination of mobile and Computer)
              • इनमें ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन का उपयोग किया जाता है। (Operating System and Application are used in these)
              • इसके माध्यम से विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं जैसे कॉलिग, मल्टीमीडिया, टच स्क्रीन, GPS, इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं (Various facilities are provided through it such as calling, multimedia, touch screen, GPS, Internet and Digital Services)


              2 मोबाइल संचार नेटवर्क की पीढ़ियाँ (Generations of Mobile Communication Network)-

              • (I) 1G
              • (II) 2G
              • (III) 3G
              • (IV) 4G
              • (V) 5G


              (I) 1G-

              • मोबाइल संचार जापानी कंपनी NTT द्वारा शुरू किया गया था।
              • 80 के दशक में इसका वाणिज्यिक उपयोग USA में शुरू हुआ था।
              • इस पीढ़ी में FDMA तकनीक का उपयोग किया गया था जिसकी क्षमता सीमित थी।
              • इस पीढ़ी में एनालॉग सिग्नल का उपयोग किया जाता था जिसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं थी।


              (II) 2G-

              • 2G की शुरुआत सन् 1991 में GSM सेवाओं के साथ हुई थी।
              • GSM Full Form = Global System for Mobile Communication
              • GSM का पूरा नाम = ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशन
              • मोबाइल संचार नेटवर्क की दूसरी पीढ़ी (2G) में TDMA तकनीक का इस्तेमाल किया गया था जिससे क्षमता बढ़ गई।
              • TDMA Full Form = Time Division Multiple Access
              • TDMA का पूरा नाम = टाइम डिवीजन मल्टीपल एक्सेस
              • 2G पीढ़ी में डिजिटल सिग्नल का उपयोग किया गया था जिससे गुणवत्ता बेहतर हो गई।
              • 2G पीढ़ी में टेक्सट और वॉयस कॉल सेवाएं दी गई।


              (III) 2.5G-

              • मोबाइल संचार नेटवर्क की 2.5G पीढ़ी में GPRS तकनीक का उपयोग किया गया है। जिससे इंटरनेट का उपयोग संभव हो सका है।
              • GPRS Full Form = General Packet Radio Service
              • GPRS का पूरा नाम = जनरल पैकेट रेडियो सर्विस
              • 2.5G की स्पीड 56-115 Kbps तक थी।
              • 2.5G से सामान्य मूल्य संवर्धित सेवाओं (Value Added Services) का उपयोग संभव हुआ है। जैसे- वॉलपेपर (Wallpaper), रिंगटोन (Ringtone) डाउनलोड करना


              (IV) 2.75G-

              • मोबाइल संचार नेटवर्क की 2.75G पीढ़ी में EDGE तकनीक का उपयोग किया गया था।
              • 2.75G पीढ़ी में EDGE तकनीक के उपयोग से डेटा स्पीड बढ़कर 384 Kbps तक हो गई थी।
              • EDGE Full Form = Enhanced Data Rates for GSM Evolution
              • EDGE का पूरा नाम = एनहांस्ड डेटा रेट्स फॉर GSM ऐवोल्यूशन


              (V) 3G-

              • डेटा सेवाओं के लिए 3G पीढ़ी में सर्किट स्विचिंग (Circuit Switching) के बजाय पैकेट स्विचिंग (Packet Switching) का उपयोग उपयोग किया गया था।
              • 3G पीढ़ी में भी वॉयस कॉल (Voice Call) सेवाओं को सर्किट स्विचिंग पर रखा गया था।
              • 3G पीढ़ी में HSPA तकनीक का उपयोग किया गया था।
              • 3G पीढ़ी में HSPA तकनीक के उपयोग से डेटा स्पीड बढ़कर 100 Mbps तक हो गई थी।
              • HSPA Full Form = High Speed Packet Access
              • HSPA का पूरा नाम = हाई स्पीड पैकेट एक्सेस


              (VI) 4G-

              • मोबाइल संचार नेटवर्क की 4G पीढ़ी में डेटा सेवाओं के साथ-साथ वॉयस कॉल (Voic Call) सेवाओं के लिए भी पैकेट स्विचिंग (Packet Switching) का उपयोग किया जाता है।
              • 4G को LTE कहा जाता है।
              • LTE Full Form = Long Term Evolution
              • LTE का पूरा नाम = लॉन्ग टर्म एवोलुशन
              • 4G पीढ़ी में OFDM तकनीक का उपयोग किया गया है।
              • 4G पीढ़ी में OFDM तकनीक के उपयोग से डेटा स्पीड बढ़कर 1 Gbps तक हो गई है।
              • OFDM Full Form = Orthogonal Frequency Division Multiplexing
              • OFDM का पूरा नाम = ऑर्थोगोनल फ्रीक्वेंसी डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग


              LTE-

              • LTE Full Form = Long Term Evolution
              • LTE का पूरा नाम = लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन
              • LTE डेटा ओनली टेक्नोलॉजी है जो मूलतः वॉइस सिग्नल सम्प्रेषण (Voice Signal Transmission) को सपोर्ट नहीं करती है।
              • LTE में डेटा कनेक्शन (Data Connection) ऑन रहने पर वॉयस कॉल (Voice Call) की गुणवत्ता (Quality) प्रभावित होती है।


              VoLTE-

              • VoLTE Full Form = Voice Over Long Term Evolution
              • VoLTE का पूरा नाम = वॉइस ओवर लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन
              • VoLTE डेटा के साथ-साथ वॉइस सिग्नल सम्प्रेषण (Voice Signal Transmission) को भी सपोर्ट करता है।
              • VoLTE में डेटा कनेक्शन ऑन रहने पर वॉयस कॉल की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होती है।


              (VII) 5G-

              • 5G बेतार मोबाइल संचार तकनीक की पांचवी पीढ़ी है। (Fifth generation of wireless mobile communication)
              • 5G तकनीक IEEE मानक 802.11ac पर आधारित है। (It is based on IEEE Standard 802.11ac)
              • 5G तकनीक के अंतिम मापदंड़ो का निर्धारण ITU द्वारा किया जाएगा। (Its final parameters will be determined by ITU)
              • ITU Full Form = International Telecommunication Union
              • ITU का पूरा नाम = अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ
              • गति (Speed)- 5G की गति लगभग 1-10 Gbps तक होगी।
              • उपयोग (Use)- 5G तकनीक का उपयोग HD वीडियो (HD Video), HD गेम्स (HD Game), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of Things) आदि में किया जाता है।
              • सबसे पहले 'वेरिजोन' (Verizon) कंपनी ने अप्रैल 2019 से 5G को अमेरिका (USA) में ट्रायल के आधार पर शुरू किया था।


              5G in India-

              • Low (600 MHz, 700 MHz, 800 MHz, 900 MHz, 1800 MHz, 2100 MHz, 2300 MHz) Frequency bands
              • Mid (3300 MHz) Frequency bands
              • High (26 GHz) Frequency bands


              महत्वपूर्ण लिंक (Important Link)-

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